ऑनलाइन फ्रॉड, साइबर अटैक से ऐसे बचाएं अपने बिजनेस को

यह सामान्य धारणा है कि साइबर हमलों का शिकार बिग कॉरपोरेट हाउस होते हैं लेकिन यूएस कांग्रेसनल बिजनेस कमेटी ने हाल में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। इसके अनुसार 71 प्रतिशत स्मॉल बिजनेस साइबर अटैक से लगातार प्रभावित हो रहे हैं। इसका प्रमुख कारण है स्मॉल बिजनेस साइबर सिक्योरिटी को खास महत्व नहीं दे रहे है। हालांकि 78 प्रतिशत यंग एंटरप्रेन्योर वे हैं जो आइटी फील्ड से संबंध रखते हैं लेकिन फिर भी वे साइबर सिक्योरिटी के प्रति अधिक उत्साहित नजर नहीं आते है। नतीजतन ऐसे हमलों से प्रभावित होने वाले स्मॉल बिजनेस की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।

फायरवॉल का यूज जरूरी
यह एक सुरक्षा दीवार का काम करता है, जिससे फिल्टर होकर यूजर की मांग वाले डेटा पैकेट का आना जाना होता है। यह प्राइवेट व पब्लिक नेटवर्क के मध्य कड़ी का काम रकता है। दोनों तरफ के नेटवर्क को प्रोटक्ट करता है और हमारे नेटवर्क को अनाधिकृत थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर्स से बचाता है।

एम्प्लॉई हो एजुकेटेड
स्मॉल बिजनेस जब भी किसी साइबर अटैक का शिकार होते हैं तो उसका सबसे बड़ा कारण एम्प्लॉई की जानकारी का अभाव होता है। साइबर सिक्योरिटी की जानकारी नहीं होने से एम्प्लॉई संबंधी अलर्ट को समझ नहीं पाते हैं। एम्प्लॉई को साइबर सिक्योरिटी की एजुकेशन देना बेहद जरूरी है।

मल्टी फेक्टर आइडेंटीफिकेशन
हैकर्स दिनोंदिन साइबर अटैक के नए-नए तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए स्मॉल बिजनेस को चाहिए कि वे अपने डेटा व नेटवर्क को सिक्योर करने के लिए मल्टी फेक्ट आइडेंटिफिकेशन का इस्तेमाल करें। इस सिस्टम में किसी भी नेटवर्क में एंट्री के लिए एक से अधिक पासवर्ड व आइडेंटिफिकेशन का प्रोसेस इस्तेमाल होता है। एमएफए में फिजिक, लॉजिकल और बॉयोमेट्रिक्स का इस्तेमाल कर नेटवर्क को सिक्योर किया जाता है। बड़ी आइटी व फाइनेंशियल फर्म एमएफए का उपयोग सबसे अधिक करती है। किसी भी साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट की मदद से ऐसे सिस्टम का उपयोग कर सकते हैं। साइबर अटैक से प्रभावित स्मॉल बिजनेस में 60 प्रतिशत बिजनेस ऐसे हैं, जिनका लंबे समय एक ही पासवर्ड है। इसलिए एक नियमित समय में पासवर्ड को ना केवल बदलने की जरूरत है बल्कि स्ट्रांग पासवर्ड की भी खासी आवश्यकता है।

बनाएं एक्सेस कंट्रोल पॉलिसी
एक मजबूत पैच मैनेजमेंट सिस्टम भी आपके डेटा को हैक होने से बचा सकता है। स्मॉल बिजनेस को चाहिए कि वे अपने यहां स्ट्रांग एक्सेस कंट्रोल पॉलिसी को लागू करें। जिससे कि जब भी कोई एम्प्लॉई डेटा को एक्सेस करे तो उसकी जानकारी पूरी तरह से आपके पास हो।

समय-समय पर लें जानकारी
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट लगातार संपर्क में रहने की भी आवश्यकता है। डेटा व नेटवर्क को सिक्योर रखने के लिए आधुनिकतम टेक्नोलॉजी क्या यह भी जानकारी आपको होनी चाहिए। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट से प्रतिमाह में एक बार कम्पलीट चैक कराएं और वह जो भी सुझाव दें उन्हें तुरंत अपनाएं।

डेटा बैकअप भी है जरूरी
साइबर अटैक का शिकार दुनिया की बेहतरीन कंपनियां भी हुई हैं। ऐसे अटैक से अपने डेटा को बचाने के लिए जरूरी है कि कंपनियां डेटा का बैकअप अवश्य रखें। यह भी ध्यान देने की जरूरत है कि डेटा का बैकअप ऑफलाइन हो। इससे बैकअप डेटा किसी भी प्रकार से प्रभावित ना हो सके।